Sunday, September 22, 2019
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Happiness Index में Pakistan भारत से ऊपर – क्या मज़ाक है

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जिस दिन पाकिस्तानी पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ पर लाहौर में जूतों की बरसात हुई, मैं उसी दिन समझ गया था कि Happiness Index में पाकिस्तान कि Ranking बहुत अच्छी आने वाली है। यह बात और पक्की हो गयी की पाकिस्तान एक ‘खुश’ देश है जब मुख्य विपक्षी नेता इमरान खान को भी जनता का जूता नसीब हुआ। पाकिस्तानी नागरिकों की हैप्पीनेस का ठिकाना तो उस दिन भी नहीं रहा होगा जब सियालकोट में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ का मुँह Ink से रंग दिया गया था।

सचमुच पाकिस्तान बहुत खुश देश है, World Happiness निर्धारित करने के लिए एक महत्वपूर्ण घटक ‘freedom’ यानि आज़ादी है। वाक़ई पाकिस्तान एक आज़ादी पसंद मुल्क है, तभी तो जैश-ए-मोहम्मद (जो UN द्वारा एक प्रतिबंधित संगठन है) का फाउंडर मेंबर मसूद अज़हर, जिसके हाँथ मुंबई हमलों में मारे गए मासूम लोगों और शहीद सुरक्षा कर्मियों के खून से रंगे हैं, पूरी आज़ादी के साथ पाकिस्तान में रह रहा है। यही नहीं वह पूरे पाकिस्तान में फ्रीली घूमकर भारत के खिलाफ ज़हर उगल रहा है। पाकिस्तान में व्याप्त आज़ादी का अंदाजा तो आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इंटरनेशनल ख्याति प्राप्त आतंकी ओसामा बिन लादेन अपनी कई अदद बीवियों के साथ पकिस्तान का मेहमान बना हुआ था। सचमुच हैप्पीनेस के मामले में पाकिस्तान आतंकियों का ‘Switzerland’ नहीं ‘Finland’ है।

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पाकिस्तानी लोगों के खुश रहने का वर्त्तमान उनके इतिहास में निहित है। पाकिस्तानी पंजाब और सिंध राज्यों के लोग तो अंग्रेज़ों से आज़ादी मिलने के बाद से खुश हैं, उन्हें मज़लूम सिखों और हिन्दुओं कि छोड़ी हुई संपत्ति हड़पने का मौक़ा जो मिला। उनकी हैप्पीनेस दोगुनी हो गयी जब भारत से पाकिस्तान आये ‘मोहाजिरों’ (Refugees ) को उन्होंने दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया। पाकिस्तानी नागरिकों की हैप्पीनेस अपनी चरम सीमा पर पहुंच गयी, जब बेनज़ीर भुट्टो के पिता ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो को फौजी सरकार ने फांसी पर लटका दिया था। पाकिस्तानी नागरिकों के उन खुशगवार पलों को हम कैसे भूल सकते हैं, जो उन्होंने मिलिट्री जनरल इस्कंदर मिर्ज़ा (1958), जनरल अयूब खान (1958), जनरल ज़िआ-उल-हक़ (1977), जनरल परवेज़ मुशर्रफ (1999) के शासन में बिताये। पाकिस्तान के कोने-कोने में हैप्पीनेस मौजूद है, तभी तो 2001 से 2018 तक पकिस्तान के कोने-कोने में लगभग 63,000 लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं। पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल के नरसंहार को कैसे भुलाया जा सकता है।

पकिस्तान की आर्थिक सम्पन्नता से तो वहां के लोग ख़ुशी से पागल हो रहे हैं। आज के दिन पाकिस्तान का External उधार $73 Billion और Internal उधार $130 बिलियन है। कुल मिलाकर पाकिस्तान का क़र्ज़ $203 Billion है। यदि हम पाकिस्तान की total GDP (सकल घरेलू उत्पाद) देखें तो यह $270 Billion है। यह क़र्ज़ पाकिस्तान की जीडीपी का 75 % है। इसका मतलब है हर पाकिस्तानी पर Rs. 92,879 की उधारी है। उधार लेकर खुश रहने की कला तो कोई पाकिस्तानियों से सीखे। आजकल सभी पाकिस्तानी और भी ज़्यादा खुश यानि हैप्पी हैं, चीन-पकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर ( CPEC ) के माध्यम से सभी पाकिस्तानी चाइनीज़ नागरिक जो बनने वाले हैं। विश्व के तेज़ी से बढ़ते शक्तिशाली देश चीन के उपनिवेश (कॉलोनी) बन जाने की कल्पना मात्र से ही एक-एक पाकिस्तानी हैप्पीनेस से खिल उठता है। ज़ाहिर है, यह सभी बातें पाकिस्तान को एक बेहद खुश और खुशहाल देश बना रहीं हैं। World Happiness Ranking पाकिस्तानियों को मुबारक। पर चाचा ग़ालिब के शब्दों में कह रहा हूँ

“हमको मालूम है पकिस्तान की हक़ीक़त, लेकिन दिल को खुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है”

ब्लॉग पोस्ट – सय्यद फज़ल फिरदौसी, पुणे